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योगी के निर्देश पर मस्जिदों ने कम की लाउडस्पीकर की वॉल्यूम

डेस्क: देशभर में धार्मिक आयोजन को लेकर विवाद और मुद्दा बना हुआ है। ऐसे मुद्दों को भुनाने में राजनीतिक दल भी पूरे जोर-शोर से लगे हुए हैं। देशभर में धार्मिक मसलों पर तनाव की स्थिति है। जुलूस के आयोजन व धार्मिक आयोजनों में लाउडस्पीकर की आवाज को लेकर चर्चा का बाजार गर्म है। देश भर में दंगे भी हो रहे हैं, लेकिन योगी आदित्यनाथ के उत्तर प्रदेश में स्थिति सामान्य है। एक मुस्लिम धर्मगुरु के अनुसार, यहां के मुसलमान बदल रहे हैं। अमन चैन कायम रखने में योगी सरकार का साथ दे रहे हैं।

इसी बीच उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नये दिशानिर्देश ने फिर इस मुद्दे को बड़ा बना दिया है। यूपी सरकार ने धार्मिक स्थलों और धार्मिक कार्यक्रमों को लेकर जरूरी आदेश जारी किये हैं । इसका असर भी दिखने लगा है। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के मस्जिदों में लाउडस्पीकर का वाल्यूम घटा दिया गया है।

लखनऊ के शिया धर्मगुरु सैफ अब्बास अपने तबके से जुड़े तमाम मस्जिदों को सख्त निर्देश दे चुके हैं कि सरकार के आदेशों की तालीम हो। सरकारी निर्देशों का मस्जिदों पर असर पड़ा है और रोजे के इस दौर में नए नियम लागू किए गए हैं।

yogi govt loudspeaker

क्या है योगी के दिशानिर्देश में

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश में कहा गया है कि सबको अपनी धार्मिक मान्यताओं के हिसाब से अपनी धार्मिक पद्धतियों का पालन करने का हक है. अगर माइक व साउंड सिस्टम का प्रयोग करना भी उनमें शामिल है तो किया जा सकता है, लेकिन आवाज उस धार्मिक परिसर के भीतर भी रहनी चाहिए। ध्यान रहे कि वह धार्मिक परिसर से बाहर न जाये।
सीएम ने साफ कहा है कि माइक बजाने का परमिशन तभी मिलेगा, जब यह पुख्ता रहे कि उससे किसी को कोई असुविधा न हो.
उन्होंने यह भी साफ कहा है कि जहां माइक बजते आये हैं, उन्हें तो नियंत्रित किया ही जाये, नये धार्मिक स्थलों पर माइक और साउंड सिस्टम लगाने की अनुमति न दी जाये. उन्होंने प्रदेश के सभी पुलिस-प्रशासन के अधिकारियों से इस गाइडलाइन का सख्ती से पालन करवाने का निर्देश दिया।
मुख्यमंत्री ने सोमवार को लखनऊ में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए इस गाइडलाइन पर सख्ती से कार्रवाई करने का निर्देश दिया। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में सभी आला अधिकारी मौजूद थे.

योगी के निर्देश को खुशी खुशी अपना रहे मस्जिद चलानेवाले

सरकार के नये नियमों के जारी होते ही मस्जिदों का संचालन करनेवाले उसे खुशी खुशी मान लिये। पहले जहां ऑडियो का स्तर 4 से 5 के ऊपर होता था, अब उसे मशीन पर एक पर सीमित किया जा रहा है। स्पीकर नीचे कर दिये गये हैं। हर दिन अजान करने वाले मौलवी बता रहे हैं कि यह करना सकारात्मक है। लोग डिस्टर्ब नहीं हो रहे हैं। दीन से जुड़े लोग भी इस फैसले का स्वागत कर रहे हैं। इस मस्जिद के अलावा दूसरी मस्जिदों में भी इसे फॉलो किया जा रहा है। आवाज का स्तर कम कर दिया गया है और जब अजान होती है तो परिसर के अंदर ही रहे उसी हिसाब से स्पीकर का एंगल जो की मस्जिद की छत पर लगा है, उसे सेट किया गया है।
लखनऊ चौक की मुख्य शिया मस्जिद में उत्तर प्रदेश सरकार की तरफ से दिए गए निर्देशों के पालन का सिलसिला शुरू हो गया है।

क्या कहा शिया नेता ने

लखनऊ की शिया तारीख कमेटी के मुखिया सैफ अब्बास ने राज्य सरकार के दिशानिर्देश का समर्थन किया है । उन्होंने कहा है कि जहां एक तरफ देश भर में राज्यों का इंटेलिजेंस फेल हो रहा है। दंगे हो रहे हैं। वहीं, उत्तर प्रदेश में शांति कायम है, जिसके लिए मुख्यमंत्री को धन्यवाद देने चाहिए। इसी के तहत तबके से जुड़ी तमाम मस्जिदों में स्पष्ट संदेश दे दिया गया है कि सरकार के निर्देशों को माना जाए और लाउडस्पीकर की आवाज परिसर तक रखी जाए। कोई धार्मिक आयोजन बाहर न किया जाए।

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