North 24 Parganas

बाइक के टायर में चांदी छिपाकर तस्करी की कोशिश नाकाम, शातिर तस्कर को बीएसएफ ने रंगे हाथ धरा

डेस्क: दिनांक 26 फरवरी, 2022 को दक्षिण बंगाल फ्रंटियर के अंतर्गत सीमा सुरक्षा बल के जवानों ने ड्यूटी के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को सिद्ध करते हुए एक बार फिर तस्करों के मंसूबों को नाकाम करते हुए 14.980 किलोग्राम चांदी के आभूषण के साथ 01 तस्कर को धर दबोचा। जब्त की गई चांदी तथा मोटरसाइकिल की अनुमानित कीमत 7,61,729 /- रुपए हैं । तस्कर इन चांदी के आभूषणों को भारत से बांग्लादेश ले जाने की फिराक में था।

शातिर तस्कर बाइक की टायर में छिपाकर करता था तस्करी

दिनांक 26 फरवरी, 2022 को पुख्ता जानकारी के आधार पर बीएसएफ की सीमा चौकी हाकिमपुर, 112 वीं वाहिनी, सेक्टर कोलकाता के जवानों को अलर्ट कर दिया गया। लगभग 1030 बजे जवानों ने लाल रंग की एक संदिग्ध बजाज डिस्कवर मोटरसाइकिल ( रजि. – WB 24 Q 5959) को आते देखा जो स्वरूपदा बाजार से हाकिमपुर गांव (सीमावर्ती गांव) की तरफ जा रहा था जवानों ने जब मोटरसाइकिल सवार को तलाशी के उद्देश्य से रोकना चाहा तो तस्कर ने मौके से भागने की कोशिश की, लेकिन मुस्तैद जवानों ने बिना कोइ मौक़ा दिए उस तस्कर को पकड़ लिया।

जब बीएसएफ के जवानों ने उसकी तलाशी ली तो मोटरसाइकिल की दोनों टायर में बनी इम्प्रोवाइज कैविटी से 14 छोटे–छोटे प्लास्टिक बैग बरामद हुए जिसके अंदर से 14.980 किलोग्राम चांदी के आभूषण बरामद किए गए। जवानों ने सभी पैकेट्स को जब्त कर लिया तथा तथा तस्कर को भी पूछताछ के लिए हिरासत में ले लिया । पकड़े गये तस्कर की पहचान सहाबुद्दीन गाज़ी, उम्र- 26 वर्ष, ग्राम – धारकंडा , डाकघर – हाकिमपुर, थाना- स्वरूपनगर, जिला- उत्तर 24 परगना, पश्चिम बंगाल के रुप मे हुई है।

पूछताछ के दौरान पकड़े गये तस्कर सहाबुद्दीन गाज़ी, ने बताया कि वह पिछले कुछ दिनों से तस्कर वाहक का कार्य कर रहा है। आज सुबह (26 फरवरी) को उसने नेपाली नाम के एक तस्कर (ग्राम +डाकघर – बिठारी, थाना- स्वरूपनगर) से ये सभी 14 पैकेट चांदी के आभूषण लिए थे, जिसे बीएसएफ ड्यूटी लाइन क्रॉस करने के बाद वापस नेपाली को ही हाकिमपुर बाजार मे सौंपना था। इस तस्करी के लिए उसे 2000/- रुपया मिलना था।

गिरफ्तार तस्कर तथा जब्त चांदी के आभूषणों को आगे की कानूनी कार्यवाही के लिए कस्टम ऑफिस तेंतूलिया को सौंप दिया गया है |

जन संपर्क अधिकारी, दक्षिण बंगाल फ्रंटियर ने 112 वीं वाहिनी के जवानों की उपलब्धि पर खुशी व्यक्त की, जिसमे उन्होंने तस्करी की कोशिशों को नाकाम किया है। उन्होंने कहा कि यह केवल ड्यूटी पर तैनात उनके जवानों द्वारा प्रदर्शित सतर्कता के कारण ही संभव हो सका है। अधिकारी ने साफ शब्दों में कहा कि उनके जवानों की नजरो से कुछ नही छिप सकता। उन्होंने ये भी कहा कि उनके पास तस्करी से संबंधित सटीक जानकारी देने के लिए शानदार टीम भी मौजूद है।

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