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हरिणघाटा में NDRF का वार्षिक सम्मेलन संपन्न्न, डीजी ने प्रशिक्षण व बचावकर्मियों की नियमित काउंसिलिंग पर दिया जोर

डेस्क: कोलकाता के पास नदिया जिले के हरिणघाटा में स्थित राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की द्वितीय बटालियन मुख्यालय में आयोजित दो दिवसीय वार्षिक प्रशिक्षण व संचालन सम्मेलन- 2022 शुक्रवार को संपन्न हो गया। एनडीआरएफ के महानिदेशक (डीजी) आइपीएस अतुल करवाल की अध्यक्षता में 24-25 फरवरी को आयोजित इस सम्मेलन में बल के सभी स्तर के वरिष्ठ अधिकारियों ने हिस्सा लिया।

एक आधिकारिक बयान में बताया गया कि सम्मेलन के दौरान बल के शीर्ष अधिकारियों ने आपदा की स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया देने व इससे निपटने की तैयारी समेत परिचालन क्षमता को और बढ़ाने, प्रभावी प्रबंधन एवं प्रशिक्षण पर जोर देने समेत विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की। बल के थिंक टैंकों द्वारा इस दौरान एनडीआरएफ आपरेशन का आत्मनिरीक्षण भी किया गया। सम्मेलन में बल के महानिदेशक अतुल करवाल ने कहा कि प्रशिक्षण संगठन के विकास के लिए एक अनिवार्य हिस्सा है।

उन्होंने बल के संगठनात्मक ढांचे पर पुनर्विचार और बचावकर्मियों की नियमित काउंसिलिंग व प्रशिक्षण की बात करते हुए इस दिशा में कदम उठाने पर जोर दिया। आइपीएस करवाल ने सम्मेलन के दौरान एनडीआरएफ बचाव कर्मियों के शारीरिक फिटनेस बढ़ाने पर भी जोर देते हुए इसके लिए महत्वपूर्ण टिप्स साझा किए। इसके साथ ही उन्होंने आपदा से निपटने में राज्यों के संसाधन और संबंधित एजेंसियों के साथ बेहतर तालमेल स्थापित करने पर भी बात की। उन्होंने एसडीआरएफ एवं स्थानीय समुदाय की भूमिका की सराहना करते हुए उन्हें अग्रिम प्रशिक्षण देने पर भी जोर दिया।

एनडीआरएफ परिसरों को पर्यावरण हितैषी बनाने पर जोर

बयान में बताया गया कि सम्मेलन के दौरान एनडीआरएफ परिसरों को पर्यावरण हितैषी बनाने के लिए पर्यावरण विशेषज्ञ एकता गुप्ता, सलाहकार एसडीएमसी और महिमा सूर्या ने महत्वपूर्ण विचार रखे। परिसरों को प्लास्टिक मुक्त और हरित परिसर कैसे बनाया जाए, इसपर उन्होंने प्रस्तुति दी। सम्मेलन के दौरान डीजी करवाल ने बल के दो नंबर बटालियन मुख्यालय परिसर में शापिंग काम्प्लेक्स व अन्य सुविधाओं का भी उद्घाटन किया।

हर साल आयोजित किया जाता है वार्षिक सम्मेलन

उल्लेखनीय है कि किसी भी आपदा की स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया व इससे निपटने में एनडीआरएफ ने हमेशा ही अग्रणी भूमिका निभाई है और आपदा प्रतिक्रिया के लिए समर्पित यह विश्व का सबसे बड़ा बल है। एनडीआरएफ हर साल अपने विभिन्न बटालियनों में इस तरह का वार्षिक सम्मेलन आयोजित करता है, ताकि इसके माध्यम से आत्मनिरीक्षण के साथ बल को उच्चतम स्तर तक ले जाने के उद्देश्यों की पूर्ति की जा सके। सम्मेलन में आइजी एनडीआरएफ, डीआइजी ट्रेनिंग, डीआइजी आपरेशन समेत सभी यूनिट कमांडेंट और अन्य अधिकारियों ने हिस्सा लिया एवं एनडीआरएफ को आगे ले जाने के लिए अपने बहुमूल्य इनपुट साझा किए।

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