
डेस्क: पश्चिम बंगाल में चरक जयंती का आयोजन बड़े उत्साह और श्रद्धा के साथ किया गया। यह समारोह आयुर्वेद एवं समग्र स्वास्थ्य चिकित्सा के महान आचार्य आचार्य चरक के अतुलनीय योगदान को स्मरण एवं सम्मानित करने के उद्देश्य से आयोजित किया गया।

इस अवसर पर विश्व आयुर्वेद परिषद, पश्चिम बंगाल के अध्यक्ष डॉ. अर्णब रॉय की गरिमामयी उपस्थिति रही। कार्यक्रम में विश्व आयुर्वेद परिषद, पश्चिम बंगाल के सचिव डॉ. शैलेन्द्र कुमार सिंह भी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉ. शैलेन्द्र कुमार सिंह ने कहा, “आचार्य चरक आयुर्वेद एवं समग्र चिकित्सा के क्षेत्र में अग्रणी आचार्य थे। उनके महत्वपूर्ण योगदान आज भी आयुर्वेद के चिकित्सकों एवं विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करते हैं।”

उन्होंने बताया कि यह समारोह प्रत्येक वर्ष श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि, अर्थात नाग पंचमी के अवसर पर पारंपरिक रूप से मनाया जाता है।
समारोह में 80 से अधिक BAMS (आयुर्वेदाचार्य) विद्यार्थी एवं आयुर्वेद चिकित्सकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और आचार्य चरक के आयुर्वेद के प्रति अमूल्य योगदान को श्रद्धापूर्वक नमन किया।

समारोह के दौरान आयुर्वेद के क्षेत्र में निरंतर समर्पण, उत्साह एवं प्रतिबद्धता के साथ कार्य करने वाले तीन चिकित्सकों को “चरक सम्मान” से सम्मानित किया गया:
– डॉ. अर्कप्रभ जना
– डॉ. बिलाश चंद्र सरकार
– डॉ. समरजीत घटक
कार्यक्रम को सफल बनाने में डॉ. रूपेश राज, डॉ. सौरभ प्रशर, डॉ. प्रतीक शर्मा, डॉ. मुकेश कुमार राय, डॉ. कौशिक सहित अन्य विशिष्ट व्यक्तियों का महत्वपूर्ण सहयोग एवं समर्थन रहा।

समारोह ने आयुर्वेद की प्राचीन एवं समृद्ध चिकित्सा परंपरा के संरक्षण, प्रचार-प्रसार एवं विकास के महत्व को रेखांकित किया। साथ ही, युवा आयुर्वेद विद्यार्थियों एवं चिकित्सकों को आचार्य चरक की महान विरासत को आगे बढ़ाने और समाज के समग्र स्वास्थ्य एवं कल्याण में योगदान देने के लिए प्रेरित किया गया।




